ब्लेज़ पास्कल: मनुष्य उस शून्यता को देखने में भी समान रूप से अक्षम है जिससे वह उभरा है और जिस अनन्त में वह घिरा हुआ है।

मनुष्य उस शून्यता को देखने में भी समान रूप से अक्षम है जिससे वह उभरा है और जिस अ — ब्लेज़ पास्कल

मनुष्य उस शून्यता को देखने में भी समान रूप से अक्षम है जिससे वह उभरा है और जिस अनन्त में वह घिरा हुआ है।

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