चाणक्य कौटिल्य: गुरु, देवता और ब्राह्मणों में सेवा अर्थात् श्रद्धा-सम्मान का भाव रखना मानवता का आभूषण है ।

गुरु, देवता और ब्राह्मणों में सेवा अर्थात् श्रद्धा-सम्मान का भाव रखना मानवता का  — चाणक्य कौटिल्य

गुरु, देवता और ब्राह्मणों में सेवा अर्थात् श्रद्धा-सम्मान का भाव रखना मानवता का आभूषण है ।

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