महात्मा गांधी: पुस्तकों का मूल्य रत्नो से भी अधिक है। क्योकि बाहरी चमक-दमक दिखाते है जबकि पुस्तकें अंतकरण को प्रकाशित है।

पुस्तकों का मूल्य रत्नो से भी अधिक है। क्योकि बाहरी चमक-दमक दिखाते है जबकि पुस्त — महात्मा गांधी

पुस्तकों का मूल्य रत्नो से भी अधिक है। क्योकि बाहरी चमक-दमक दिखाते है जबकि पुस्तकें अंतकरण को प्रकाशित है।

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