फ्रेडरिक नीत्शे: दुनिया में मनुष्य को उसकी नाराजगी के जूनून से अधिक और कुछ भी नष्ट नहीं करता है।

दुनिया में मनुष्य को उसकी नाराजगी के जूनून से अधिक और कुछ भी नष्ट नहीं करता है। — फ्रेडरिक नीत्शे

दुनिया में मनुष्य को उसकी नाराजगी के जूनून से अधिक और कुछ भी नष्ट नहीं करता है।

Source: Wikiquote (CC BY-SA 3.0). Quotations may be subject to their authors' rights and may be shown in translation.