चाणक्य कौटिल्य: जल (नदी, नाद तथा सरोवर आदि) में कभी मूत्र-विसर्जन नहीं करना चाहिए ।

जल (नदी, नाद तथा सरोवर आदि) में कभी मूत्र-विसर्जन नहीं करना चाहिए । — चाणक्य कौटिल्य

जल (नदी, नाद तथा सरोवर आदि) में कभी मूत्र-विसर्जन नहीं करना चाहिए ।

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