चाणक्य कौटिल्य: कच्चा पात्र कच्चे पात्र से टकराकर टूट जाता है।

कच्चा पात्र कच्चे पात्र से टकराकर टूट जाता है। — चाणक्य कौटिल्य

कच्चा पात्र कच्चे पात्र से टकराकर टूट जाता है।

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