अल्बर्ट आइंस्टीन: बिना गहन सोच के हम अपने रोजमर्रा के जीवन से जानते हैं कि हम दूसरों के लिए अस्तित्व में हैं।

बिना गहन सोच के हम अपने रोजमर्रा के जीवन से जानते हैं कि हम दूसरों के लिए अस्तित — अल्बर्ट आइंस्टीन

बिना गहन सोच के हम अपने रोजमर्रा के जीवन से जानते हैं कि हम दूसरों के लिए अस्तित्व में हैं।

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