कन्फ्यूशियस: रत्न बिना रगड़े कभी नहीं चमकते। वैसे ही आदमी का व्यक्तित्व बिना संघर्ष नहीं निखरता।

रत्न बिना रगड़े कभी नहीं चमकते। वैसे ही आदमी का व्यक्तित्व बिना संघर्ष नहीं निखर — कन्फ्यूशियस

रत्न बिना रगड़े कभी नहीं चमकते। वैसे ही आदमी का व्यक्तित्व बिना संघर्ष नहीं निखरता।

Source: Wikiquote (CC BY-SA 3.0). Quotations may be subject to their authors' rights and may be shown in translation.